Class 10 Physics | प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन | अध्याय 10 | प्रश्न 7 (अभ्यास)
प्रश्न:
15 cm फोकस दूरी के एक अवतल दर्पण का उपयोग करके हम किसी बिंब का सीधा प्रतिबिंब बनाना चाहते हैं।
बिंब का दर्पण से दूरी का परिसर (range) क्या होना चाहिए?
प्रतिबिंब की प्रकृति कैसी है?
प्रतिबिंब बिंब से बड़ा है अथवा छोटा?
इस स्थिति में प्रतिबिंब बनने का एक किरण आरेख बनाइए।
हल:
दिया है:
अवतल दर्पण की फोकस दूरी (f) = 15 cm
अवतल दर्पण में सीधा (upright) प्रतिबिंब तभी बनता है जब बिंब को ध्रुव (P) और फोकस (F) के बीच रखा जाए।
अतः बिंब की स्थिति का परिसर (range):
0 cm से 15 cm के बीच (अर्थात P और F के बीच)
प्रतिबिंब की प्रकृति:
जब बिंब P और F के बीच रखा जाता है, तब अवतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब:
- सीधा (Upright)
- आभासी (Virtual)
- बिंब से बड़ा (Magnified)
- दर्पण के पीछे बनता है
प्रतिबिंब का आकार:
इस स्थिति में बना प्रतिबिंब:
बिंब से बड़ा होता है।
किरण आरेख (Ray Diagram) का वर्णन:
किरण आरेख बनाने के चरण:
- एक मुख्य अक्ष (Principal Axis) खींचें।
- अवतल दर्पण बनाकर उसके ध्रुव (P) और फोकस (F) को चिह्नित करें।
- बिंब को P और F के बीच रखें।
- बिंब से एक किरण मुख्य अक्ष के समांतर भेजें, जो परावर्तन के बाद F से गुजरती हुई प्रतीत हो।
- दूसरी किरण को ध्रुव की ओर भेजें, जो परावर्तन के बाद समान कोण बनाती है।
- परावर्तित किरणों को पीछे की ओर बढ़ाने पर वे दर्पण के पीछे मिलती हुई प्रतीत होंगी।
इस प्रकार हमें एक सीधा, आभासी तथा बड़ा प्रतिबिंब प्राप्त होता है।
अतः निष्कर्ष:
✔ बिंब की दूरी का परिसर = 0 से 15 cm (P और F के बीच)
✔ प्रतिबिंब की प्रकृति = आभासी एवं सीधा
✔ प्रतिबिंब का आकार = बिंब से बड़ा
✔ प्रतिबिंब की स्थिति = दर्पण के पीछे
परीक्षा टिप:
सीधा प्रतिबिंब + अवतल दर्पण ⇒ हमेशा याद रखें
बिंब P और F के बीच रखा जाता है।
यह प्रश्न बोर्ड परीक्षा में बहुत महत्वपूर्ण है।


